थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आईएमएफ और विश्व बैंक की बैठकों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दिया। ऐसा माना जा रहा है कि पुलिस को डर था कि विरोध प्रदर्शनों को कवर करने के लिए कोई पत्रकार नहीं आएगा, इसलिए उन्होंने खुद ही घटनाक्रम शुरू कर दिया। इस घटना के बाद पत्रकारों की भारी भीड़ जमा हो गई है। यह घटना थाईलैंड की एक कहावत की याद दिलाती है: “मूर्ख, लेकिन मेहनती।” इस घटनाक्रम ने आईएमएफ और विश्व बैंक के प्रति सहानुभूति के स्तर में एक विभाजन को उजागर किया है। विरोध प्रदर्शनों और पुलिस की कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। यह घटना थाईलैंड में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर भी प्रकाश डालती है।