बैंकॉक की एक अदालत ने दो उइगर पुरुषों, एडेम करादाग और मीरैली युसुफु को २०१५ में हुए एरावन श्राइन बम विस्फोट के मामले में मौत की सज़ा सुनाई है। यह विस्फोट थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के Ratchaprasong चौराहे पर स्थित एरावन श्राइन में हुआ था और देश के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक था। अदालत ने दोनों आरोपियों को बम विस्फोट को अंजाम देने में शामिल पाया है। यह फैसला दक्षिण बैंकॉक आपराधिक न्यायालय में सुनाया गया। इस हमले में कई लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हुए थे। मामले की जांच में यह सामने आया था कि दोनों आरोपी उइगर समुदाय से थे और इस हमले के पीछे की मंशा अभी भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। यह सज़ा थाईलैंड में आतंकवाद से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय मानी जा रही है।