थाईलैंड की एक अदालत ने 2015 में बैंकॉक में हुए बम विस्फोट के दो दोषियों, मोहम्मद बिलाल और युसूफ मीरैली को मौत की सज़ा सुनाई है। यह विस्फोट हिंदू मंदिर एरावण में हुआ था, जिसमें 20 लोग मारे गए थे और 120 से अधिक घायल हुए थे। अदालत ने दोनों आरोपियों को विस्फोट की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में शामिल पाया। यह फैसला पीड़ितों के परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है। इस मामले में कई सालों से जांच चल रही थी और यह दोषियों को सज़ा सुनाने वाला पहला बड़ा फैसला है। विस्फोट के पीछे की मंशा अभी भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन माना जाता है कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित था। यह घटना थाईलैंड में सुरक्षा उपायों पर भी सवाल उठाती है।