बाल्टिक सागर दिवस पर, ताल्लिन तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर उर्मस लिप्स ने कहा कि सकारात्मक रहने के कई कारण हैं। उन्होंने बताया कि हर साल स्थिति में सुधार हो रहा है। प्रोफेसर लिप्स ने बाल्टिक सागर के स्वास्थ्य को लेकर आशावाद व्यक्त किया। उनका मानना है कि निरंतर प्रयासों से पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। यह सुधार विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जिससे सागर के भविष्य के लिए उम्मीद बढ़ी है। प्रोफेसर लिप्स के अनुसार, बाल्टिक सागर के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्य फलदायी साबित हो रहे हैं। यह जानकारी बाल्टिक सागर क्षेत्र के देशों और पर्यावरणविदों के लिए महत्वपूर्ण है।