फोलेरिन बालोगुन को बेल्जियम के खिलाफ खेलने की अनुमति मिल सकती है, क्योंकि कथित तौर पर डोनाल्ड ट्रम्प ने इन्फेंटिनो को फोन किया था। इस घटना ने प्रभाव डालने की आशंका पैदा कर दी है, जो कि बेहद चिंताजनक है। दुनिया भर के खेल संघों को इस घोटाले पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। इन्फेंटिनो पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक दबाव में आकर निर्णय लिया, जिससे फीफा का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। यह मामला खेल की निष्पक्षता और स्वायत्तता पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इस घटना से फीफा की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुँच सकता है। यह आवश्यक है कि इस मामले की पूरी तरह से जांच हो और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए।