पर्यावरण मंत्रालय और बाली प्रांतीय सरकार ने बाली को राष्ट्रीय पायलट परियोजना घोषित किया है, जिसके तहत जुलाई 1 से कचरे का पृथक्करण अनिवार्य कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य कचरे के प्रबंधन में सुधार लाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। बाली को इस योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जिसे बाद में पूरे देश में दोहराया जा सकता है। सरकार ने कचरा पृथक्करण के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन सभी नागरिकों और पर्यटकों को करना होगा। उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कदम बाली की पर्यटन छवि को बेहतर बनाने और द्वीप को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल स्थानीय समुदायों को भी कचरा प्रबंधन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी।