बाली के दो प्रमुख कला जगत के व्यक्तियों, प्रो. डॉ. आई मेड बांडेम और प्रो. डॉ. आई वायन दिबिया ने बाली कला महोत्सव (पीकेबी) के मूल्यांकन की अवधि को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में, पीकेबी का मूल्यांकन हर दो साल में किया जाता है, लेकिन इन कलाकारों का मानना है कि यह मूल्यांकन हर कार्यकाल के बाद, यानी अधिक नियमित अंतराल पर होना चाहिए। उनका तर्क है कि इससे महोत्सव की गुणवत्ता और प्रासंगिकता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने महोत्सव के स्वरूप और सामग्री में सुधार के लिए निरंतर प्रतिक्रिया और समायोजन की आवश्यकता पर जोर दिया। यह बदलाव पीकेबी को अधिक गतिशील और समकालीन बनाए रखने में सहायक होगा। कलाकारों का यह प्रस्ताव बाली की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।