मोहम्मद-जावेद बहानर एक धर्मगुरु, शिक्षाविद और राजनीतिक कार्यकर्ता थे जिन्होंने इस्लामी क्रांति की जीत के बाद शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले। वे 1 सितंबर, 1981 को तेहरान में प्रधानमंत्री कार्यालय पर बम विस्फोट में राष्ट्रपति मोहम्मद-अली राजई के साथ शहीद हो गए। यह घटनाक्रम उनकी सरकार के पद संभालने के कुछ हफ़्तों बाद हुआ था। बहानर का संक्षिप्त कार्यकाल ईरान के राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव छोड़ने वाला था। उनकी शिक्षा और धार्मिक पृष्ठभूमि ने उनकी नीतियों को आकार दिया। बहानर की हत्या ने देश में राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा की लहर पैदा कर दी। उन्हें ईरानी इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में याद किया जाता है।