जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बारबोक ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चुनाव प्रक्रिया में सुधार की वकालत की है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को अगली नियुक्ति में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव से रूस और अमेरिका में नाराजगी है, जिससे व्यक्तिगत हमलों की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बारबोक का मानना है कि चुनाव अधिक पारदर्शी और समावेशी होना चाहिए। रूस और अमेरिका के विरोध के बावजूद, जर्मनी अपने रुख पर कायम है। यह प्रयास अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नया मोड़ ला सकता है और संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है। बारबोक पर राजनीतिक रूप से प्रेरित हमलों की भी आलोचना की जा रही है।