सीनेट की बैठक में फ़ैसल ववदा ने ऑटोमोबाइल उद्योग में चार कंपनियों के एकाधिकार का दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये कंपनियां मिलकर बाजार को नियंत्रित कर रही हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा कम हो रही है और उपभोक्ताओं को नुकसान हो रहा है। ववदा ने इस एकाधिकार के कारण कारों की कीमतों में वृद्धि और गुणवत्ता में गिरावट की बात कही। उन्होंने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया। सीनेट में इस मुद्दे पर गहन चर्चा होने की संभावना है। ववदा के इस दावे से ऑटो उद्योग में हलचल मच गई है और इस पर आगे जांच हो सकती है। सरकार के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हैं।