बेनाला ऑटो क्लब ने अपनी सबसे बड़ी संपत्ति पिछले जून में अपने पूर्व सीईओ को बेच दी। चौंकाने वाली बात यह है कि क्लब की समिति को इस बिक्री के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पूर्व सीईओ ने यह घोषणा की, जिससे समिति में हैरानी फैल गई। समिति का कहना है कि उन्हें इस लेनदेन से अनजान रखा गया था। इस घटना से क्लब के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि यह कैसे हुआ और क्यों समिति को अंधेरे में रखा गया। यह बिक्री क्लब के भविष्य और उसके सदस्यों पर क्या प्रभाव डालेगी, यह देखना बाकी है।