नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ऑटिज्म के अनुमानों के अनुसार, चेक गणराज्य में लगभग 1.5 से 2 प्रतिशत लोग ऑटिज्म के किसी न किसी रूप से प्रभावित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लड़कियों की तुलना में लड़कों में इस स्थिति के होने की संभावना तीन गुना अधिक है। गौरतलब है कि कुछ दशक पहले तक ऑटिज्म एक अत्यंत दुर्लभ निदान माना जाता था। हालांकि, अब इसके मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह आंकड़े देश में इस न्यूरोडेवलपमेंटल स्थिति की बढ़ती व्यापकता को दर्शाते हैं। वर्तमान में स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बढ़ती संख्या और इसके कारणों का विश्लेषण कर रहे हैं। यह जानकारी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण है।
