लेखिका आसा बेकमैन के अनुसार, लेखक शब्दजाल में माहिर होते हुए भी, वास्तविक जीवन की समस्याओं से जूझने में अक्सर असमर्थ होते हैं। जैसे कि घर की छत का टपकना या छत्ते का खतरा। ये समस्याएं उनके लिए हास्यास्पद और कष्टदायक दोनों हो सकती हैं। लेखिका का कहना है कि एक मददगार पड़ोसी, जो व्यावहारिक समस्याओं को हल करने में सक्षम है, लेखक के लिए सबसे बड़ा शत्रु साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि लेखक अपनी रचनात्मक दुनिया में खोए रहते हैं और रोजमर्रा के कार्यों से अनजान होते हैं। यह स्थिति कभी-कभी विनोदी तो कभी निराशाजनक हो जाती है। कुल मिलाकर, यह लेख लेखकों की वास्तविक जीवन से दूरी और उनकी व्यावहारिक अक्षमता पर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी है।