प्रसिद्ध लेखक रिचर्ड ज़िम्लर हाल ही में यहूदी-विरोधी भावना पर अपनी राय व्यक्त करते हुए इज़राइल सरकार से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके एक पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए, आलोचकों का कहना है कि ज़िम्लर का रुख़ इज़राइल के अस्तित्व पर भी सवाल उठाता है। इस बयान ने विवाद पैदा कर दिया है और सोशल मीडिया पर बहस तेज़ हो गई है। आलोचकों का मानना है कि ज़िम्लर ने अपनी टिप्पणी में इज़राइल की नीतियों और उसके अस्तित्व के बीच एक अनावश्यक संबंध स्थापित किया है। ज़िम्लर ने अभी तक इस विवाद पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह मामला इज़राइल और यहूदी समुदाय के भीतर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर से यहूदी-विरोधी भावना और इज़राइल के प्रति आलोचना के बीच की रेखा को लेकर बहस छेड़ दी है।
