प्रसिद्ध लेखक वाल्टर ह्यूगो माए ने व्यक्त किया है कि वर्तमान समय इतिहास का सबसे मूर्खतापूर्ण युग बन सकता है। उन्होंने इस स्थिति को "असहनीय बचकानापन" बताया है और दुनिया में बुद्धिमत्ता के ह्रास पर चिंता जताई है। माए के अनुसार, यह प्रवृत्ति समाज को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही है। लेखक ने यह भी बताया कि रचनात्मक प्रक्रिया उनके लिए एक प्रकार का थेरेपी है, जो उन्हें इस निराशाजनक स्थिति से निपटने में मदद करती है। उनका मानना है कि रचनात्मकता के माध्यम से वे दुनिया को बेहतर ढंग से समझने और व्यक्त करने का प्रयास करते हैं। माए की टिप्पणी समकालीन समाज में बुद्धि और रचनात्मकता के महत्व पर प्रकाश डालती है। यह विचार वर्तमान पीढ़ी के बौद्धिक और भावनात्मक परिपक्वता पर सवाल उठाता है।