Valeria Groisman, एक सफल चिकित्सक की बेटी हैं और 17 वर्ष की आयु से ही काम कर रही हैं। उनका कहना है कि उनके परिवार में मेहनत करना स्वाभाविक था। उन्होंने अपनी दादी के बुढ़ापे और मृत्यु से प्रेरणा लेकर लेखन की शुरुआत की, जिन्हें वह एक असाधारण व्यक्तित्व मानती थीं। उनकी दादी का जीवन उनके लिए एक प्रेरणा स्रोत रहा है। Valeria ने अपने लेखन में बुढ़ापे और मृत्यु जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया है। वह अपने परिवार के परिश्रम और दादी के जीवन से मिली सीख को अपने लेखन में व्यक्त करती हैं। उनकी कहानी सफलता और प्रेरणा का एक उदाहरण है।
