लोकप्रिय लेखिका ऐन बी. रैगडे ने बताया कि कैसे एक टिप्पणी ने उनके जीवन को बदल दिया। उन्होंने कहा कि जब वह केवल 15 वर्ष की थीं, तभी एक घटना घटी जिसने उन्हें अचानक ‘वयस्क’ बना दिया। यह अनुभव उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। रैगडे ने इस घटना के बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि इसने उन्हें बहुत जल्दी जीवन की कठोर वास्तविकताओं का सामना करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने यह भी साझा किया कि इस घटना ने उनकी लेखन शैली और उनके साहित्य को प्रभावित किया। यह टिप्पणी अचानक परिपक्वता लाने वाली साबित हुई। लेखिका का कहना है कि यह घटना उनके जीवन का एक निर्णायक क्षण था।