ऑस्ट्रिया के सबसे सूखे कृषि क्षेत्र, वाइनविएर्टल में अनाज उत्पादक किसानों को सूखे के कारण 40 प्रतिशत तक फसल के नुकसान का डर है। किसान ज़ेनो पियाटी ने नई फसलों, सीमा पार उत्पादन और कीविट्ज़ (एक प्रकार का पक्षी) को बचाने के बारे में बात की। इस स्थिति से निपटने के लिए लैवेंडर की खेती एक संभावित विकल्प के रूप में उभरी है। यह सूखा क्षेत्र में किसानों के लिए आय का एक नया स्रोत प्रदान कर सकता है। पियाटी का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होने के लिए कृषि में विविधता लाना आवश्यक है। इस संदर्भ में, सीमा पार सहयोग और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। एक खेत का दौरा किया गया जहाँ इन चुनौतियों और संभावित समाधानों का प्रत्यक्ष अनुभव किया गया।
