स्टैण्डर्ड की जाँच में एफपीओ युवा शाखा की हिंसक गतिविधियों का पर्दाफाश हुआ है। यह शाखा अत्यंत दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रेरित है और इसमें कट्टरपंथी तत्वों की सक्रियता की पुष्टि हुई है। इस खुलासे के बाद, विभिन्न राजनीतिक दलों और नागरिक समूहों ने इस शाखा पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। वहीं, एफपीओ ने इन आरोपों को "फेक न्यूज़" बताकर खारिज किया है। सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों पर अब इस मामले में कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है। यह स्थिति ऑस्ट्रियाई राजनीति में तनाव और बढ़ा सकती है। अब देखना यह है कि सरकार इस चरमपंथी विचारधारा से निपटने के लिए क्या कदम उठाती है।