ऑस्ट्रेलिया में 1924 से मतदान अनिवार्य है। इस प्रणाली के कारण, मतदान प्रतिशत लगातार उच्च रहा है, और केवल एक बार 90 प्रतिशत के आंकड़े से नीचे गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनिवार्य मतदान राजनीतिक मध्य को स्थिर करने में सहायक रहा है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि समाज के सभी वर्गों की आवाज राजनीतिक प्रक्रिया में सुनी जाए। अनिवार्य मतदान के समर्थकों का तर्क है कि यह लोकतंत्र को मजबूत करता है और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देता है। वहीं, कुछ आलोचक व्यक्तिगत स्वतंत्रता के उल्लंघन के रूप में इसकी आलोचना करते हैं। ऑस्ट्रेलिया में इस प्रणाली के परिणाम अन्य देशों के लिए भी एक उदाहरण हैं जो मतदान सहभागिता बढ़ाने के तरीकों की तलाश कर रहे हैं।