ऑस्ट्रेलिया में 'द 100 प्रोजेक्ट' एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य देश के शतायुकों के जीवन की कहानियों को संरक्षित करना है। बेक हाइलैंड ने बताया कि उनकी 106 वर्षीय दादी, मर्ले मूर, इस परियोजना के प्रति बेहद आभारी थीं, क्योंकि इसने उनके जीवन की कहानी को सहेजने में मदद की। यह परियोजना इन बुजुर्गों के अनुभवों और यादों को दस्तावेज़ित करके ऑस्ट्रेलिया के इतिहास को समृद्ध करने का कार्य करती है। मर्ले मूर जैसे व्यक्तियों की कहानियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकती हैं। 'द 100 प्रोजेक्ट' यह सुनिश्चित करता है कि इन अनमोल जीवन अनुभवों को भुलाया न जाए। इस पहल से ऑस्ट्रेलिया के इतिहास और संस्कृति को समझने में भी मदद मिलती है। परियोजना का लक्ष्य शतायुकों के जीवन से सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है।