ऑस्ट्रेलिया में महिलाओं के लिए बने एक ऐप, Giggle for Girls, ने एक ट्रांस महिला, रॉक्सेन टिकल को प्लेटफॉर्म से बाहर कर दिया था। यह मामला ऑस्ट्रेलियाई न्यायालय में गया, जहाँ टिकल ने भेदभाव का आरोप लगाया। ऑस्ट्रेलियाई सर्वोच्च न्यायालय ने ऐप के संस्थापक, सैल ग्रोवर के फैसले को पलट दिया और टिकल के पक्ष में फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि लिंग के आधार पर भेदभाव करना अवैध है, और ग्रोवर को 20,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का मुआवजा और 100,000 डॉलर की कानूनी लागत का भुगतान करने का आदेश दिया गया। इस मामले को "टिकल बनाम गिगल" के नाम से भी जाना गया। इस फैसले के बाद, ऐप के संस्थापक ने ऐप को बंद कर दिया। यह मामला ऑस्ट्रेलिया में ट्रांस अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है।

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