ऑस्ट्रेलिया में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले कई छात्रों का आरोप है कि एक शिक्षा परामर्शदाता ने उनसे वीजा और प्रवास के संबंध में झूठे वादे किए। छात्रों का कहना है कि उन्हें धोखे से गुमराह किया गया है, जिससे उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है। ये छात्र ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने और फिर वहां बसने की उम्मीद में परामर्शदाता की सेवाएं ले रहे थे। अब वे वित्तीय नुकसान और वीजा संबंधी जटिलताओं का सामना कर रहे हैं। पीड़ितों ने इस मामले में जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय छात्रों के अधिकारों और शिक्षा परामर्शदाताओं की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है और जांच शुरू कर दी है।
