विश्व कप के पहले दौर में सबसे तेज़ खिलाड़ी के रूप में ऑस्ट्रेलियाई डिफेंडर जॉर्डन बोस उभरे हैं। तुर्की के खिलाफ 2-0 की जीत के दौरान उनकी गति 36.7 किलोमीटर प्रति घंटा मापी गई। यह गति टूर्नामेंट में अब तक दर्ज की गई सबसे अधिक है, जो नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड और फ्रांस के किलियान एम्बाप्पे जैसे स्टार खिलाड़ियों से भी ज़्यादा है। बोस की यह उपलब्धि ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत है। खेल विश्लेषकों का मानना है कि उनकी गति और फुर्ती टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यह जानकारी 'एल नैशनल' समाचार पत्र में प्रकाशित हुई है। इस प्रदर्शन से जॉर्डन बोस विश्व कप में एक उभरते हुए सितारे के रूप में पहचान बना रहे हैं।
