प्रस्तावित कानून के तहत, राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने पर छह साल तक की जेल हो सकती है। सांसदों के एक गठबंधन ने एक छात्र द्वारा राष्ट्रीय प्रतीक को यौन खिलौने के रूप में चित्रित करने के बाद जेल की सजा की मांग की है। यह घटना विवाद का विषय बन गई है, जिससे देश में आक्रोश फैल गया है। सांसद इस कृत्य को राष्ट्रीय गौरव पर गंभीर हमला मानते हैं। उनका तर्क है कि ऐसे कृत्यों को रोकने के लिए कठोर दंड आवश्यक है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों की पवित्रता और सम्मान की रक्षा करना है। सरकार इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द ही उचित कार्रवाई करने की उम्मीद है।