ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने मरे-डार्लिंग बेसिन में 430 मिलियन डॉलर मूल्य का पानी वापस खरीदा है। इस कदम से खाद्य उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। सरकार का यह निर्णय बेसिन की पर्यावरणीय सेहत को सुधारने के उद्देश्य से लिया गया है, लेकिन किसानों और स्थानीय समुदायों ने इसका विरोध किया है, क्योंकि इससे कृषि उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आलोचकों का तर्क है कि पानी की खरीद से खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है। सरकार का कहना है कि यह खरीद बेसिन के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है और इसका उद्देश्य नदी प्रणाली को पुनर्जीवित करना है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस चल रही है, जिसमें कुछ दल पर्यावरण को प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि अन्य खाद्य उत्पादन को। यह खरीद भविष्य में जल प्रबंधन नीतियों पर भी असर डाल सकती है।