ऑस्ट्रेलिया में इस साल शार्क हमलों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। बढ़ते हमलों को देखते हुए, अधिकारियों ने तैराकों की सुरक्षा के लिए ड्रोन का उपयोग करने का निर्णय लिया है। ये ड्रोन समुद्र तटों पर निगरानी रखेंगे और शार्क दिखने पर अलर्ट जारी करेंगे। इस तकनीक का उद्देश्य तैराकों को संभावित खतरे से आगाह करना और शार्क के हमलों को रोकना है। अधिकारियों का मानना है कि ड्रोन से निगरानी से बचाव कार्य में तेजी आएगी और जोखिम कम होगा। यह पहल ऑस्ट्रेलिया के समुद्र तटों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। फिलहाल, यह प्रणाली कुछ चुनिंदा समुद्र तटों पर लागू की जाएगी, और सफलता मिलने पर इसे अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जा सकता है।
