उत्तरी अटलांटिक महासागर में मौजूद समुद्री धाराओं का तंत्र भविष्य में गंभीर रूप से कमजोर हो सकता है या पूरी तरह से ध्वस्त भी हो सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसी स्थिति में जलवायु परिवर्तन की गति आज की तुलना में दस गुना तक बढ़ सकती है। यह परिवर्तन यूरोप की जलवायु को विशेष रूप से प्रभावित करेगा। वर्तमान में, जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, ऐसे में इस महत्वपूर्ण प्रणाली की निगरानी भी खतरे में है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस प्रणाली के कमजोर होने से यूरोप में तापमान में अचानक गिरावट और मौसम के पैटर्न में बदलाव आ सकते हैं। इस खतरे को भांपते हुए वैज्ञानिक इस प्रणाली की निगरानी को जारी रखने के महत्व पर जोर दे रहे हैं।
