अंतरिक्ष मूल रूप से एक निर्वात या वायुशून्य स्थान है, जिसके कारण वहां सीधे तौर पर किसी भी गंध को महसूस करना असंभव है। हालांकि, अंतरिक्ष यात्री जब 'स्पेसवॉक' पूरा करके वापस अपने यान में लौटते हैं, तब एक विशेष अनुभव होता है। उनके सूट और उपकरणों पर अंतरिक्ष के सूक्ष्म कण चिपक जाते हैं, जिससे एक विशिष्ट गंध का अहसास होता है। अब इस अनोखी गंध को बोतलों में बंद करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। यह प्रयास अंतरिक्ष के वातावरण को पृथ्वी पर समझने और महसूस करने के लिए किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के माध्यम से आम लोग भी अंतरिक्ष की इस रहस्यमयी खुशबू से परिचित हो सकेंगे। यह विज्ञान और जिज्ञासा का एक अनूठा संगम साबित हो सकता है।