सहायक प्रजनन तकनीकों में नए दिशानिर्देशों के साथ महत्वपूर्ण बदलाव आया है। इन नए नियमों के अनुसार, अब ज्ञात दाताओं से प्रजनन सामग्री दान करने की अनुमति दी जाएगी। पहले, दाताओं की गुमनामी को प्राथमिकता दी जाती थी, लेकिन अब इसमें आंशिक रूप से ढील दी गई है। इस बदलाव का उद्देश्य बच्चों को उनके जैविक मूल के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दान करने के इच्छुक लोगों की संख्या में भी वृद्धि हो सकती है। हालांकि, गोपनीयता और बच्चों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है। यह कदम सहायक प्रजनन के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।