फ्रांस में जीवन समाप्ति कानून पर सोमवार को राष्ट्रीय सभा में अंतिम बहस होगी। यह कानून अब उस संतुलित संस्करण से अलग हो गया है जिसका वादा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने किया था। आलोचकों का कहना है कि कानून में किए गए बदलाव भविष्य में इसके दुरुपयोग का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। विधेयक के समर्थक जहां इसे मानवीय बताते हैं, वहीं विरोधी इसे नैतिक रूप से गलत मानते हैं। बहस का केंद्रबिंदु उन शर्तों पर केंद्रित है जिनके तहत कोई व्यक्ति इच्छामृत्यु का अनुरोध कर सकता है। इस कानून के पारित होने से फ्रांस में जीवन के अंतिम क्षणों से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है। इस मुद्दे पर समाज में गहरी विभाजन रेखा मौजूद है।