असम में एक व्यक्ति ने अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए १५ दस्तावेज पेश किए, लेकिन वे पर्याप्त नहीं थे। कारण यह था कि प्रस्तुत दस्तावेज़ों में व्यक्ति के माता-पिता या दादा-दादी का कोई भी दस्तावेज़ शामिल नहीं था जो नागरिकता साबित कर सके। अधिकारियों ने कहा कि नागरिकता साबित करने के लिए एक सीधा संबंध स्थापित करना आवश्यक है। यह मामला असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) प्रक्रिया के दौरान सामने आया है, जहाँ लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। इस घटना से एनआरसी प्रक्रिया में दस्तावेज़ी आवश्यकताओं की जटिलता और उजागर होती है। यह असम में नागरिकता साबित करने की चुनौतियों को दर्शाता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास पुराने दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं हैं। अधिकारियों ने व्यक्ति को आगे अपील करने का विकल्प दिया है।