सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई। मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया पर बढ़ते संदेह के कारण तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में फिर से वृद्धि हुई है। निवेशकों को अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी का डर सता रहा है, जिसके कारण उन्होंने जोखिम को ध्यान में रखते हुए निवेश किया। तेल की कीमतों में उछाल ने भी बाजार को प्रभावित किया। विश्लेषकों का मानना है कि शांति वार्ता में अनिश्चितता के कारण निवेशकों में सावधानी बरतने की प्रवृत्ति है। इस गिरावट का असर विभिन्न एशियाई देशों के शेयर बाजारों पर पड़ा है। बाजार की यह प्रतिक्रिया वैश्विक आर्थिक स्थिति और भू-राजनीतिक तनावों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।