अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे एशियाई मुद्राओं पर दबाव बढ़ा है। इस स्थिति के कारण अधिकांश उभरती एशियाई मुद्राओं के मूल्य में गिरावट दर्ज की गई। विशेष रूप से मलेशियाई रिंगिट पिछले छह महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। फेडरल रिजर्व के लगभग आधे नीति निर्माताओं ने इस साल के अंत में ब्याज दरों में वृद्धि का संकेत दिया है। बाजार इस 'हॉकिश' या सख्त रुख को डॉलर की मजबूती के रूप में देख रहा है। परिणामस्वरूप, डॉलर के मुकाबले अन्य क्षेत्रीय मुद्राओं की स्थिति कमजोर हुई है। यह घटनाक्रम वैश्विक वित्तीय बाजारों में अमेरिकी मौद्रिक नीति के प्रभाव को दर्शाता है।