एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अवैध स्ट्रीमिंग सेवाओं का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को साइबर अपराध, पहचान की चोरी और धोखाधड़ी का गंभीर खतरा है। एक नए अध्ययन में पाया गया है कि ये सेवाएं अक्सर मैलवेयर और अन्य हानिकारक सॉफ़्टवेयर से भरी होती हैं। लाखों उपभोक्ता अनजाने में अपनी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी जोखिम में डाल रहे हैं। पायरेटेड सेवाओं में कमजोर सुरक्षा उपायों के कारण हैकर्स के लिए डेटा तक पहुंचना आसान हो जाता है। अध्ययन में यह भी पाया गया है कि इन सेवाओं से बच्चों को अनुचित सामग्री तक पहुंचने का खतरा होता है। विशेषज्ञ कानूनी और सुरक्षित स्ट्रीमिंग विकल्पों का उपयोग करने की सलाह देते हैं। सरकारें और उद्योग मिलकर पायरेटेड सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।