एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। एक नए अध्ययन के अनुसार, कंपनियां AI को अपनाने की होड़ में लगी हैं, लेकिन निवेश के वास्तविक परिणामों को मापने की क्षमता में कमी है। IDC InfoBrief द्वारा किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग 70% संगठन AI में निवेश कर रहे हैं। यह निवेश अक्सर 'कुछ छूटने' के डर से प्रेरित है, न कि ठोस व्यावसायिक परिणामों से। कंपनियां प्रतिद्वंद्वियों से पीछे न रहने के लिए AI को तेजी से लागू करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। अध्ययन में यह भी उजागर किया गया है कि कई संगठन AI निवेशों के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और विशेषज्ञता से लैस नहीं हैं। इस प्रवृत्ति से AI परियोजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक सफलता पर सवाल उठते हैं।