सदियों से, आशूरा दिवस के संबंध में समाज में कई निराधार कहानियाँ प्रचलित रही हैं, जिन्हें मौखिक रूप से फैलाकर धार्मिक विश्वासों का रूप दिया गया है। ये कहानियाँ अक्सर ऐतिहासिक तथ्यों से अलग होती हैं। विद्वानों का मानना है कि इस दिन के वास्तविक इतिहास को मिथकों से अलग करना आवश्यक है। आशूरा का मूल अर्थ शोक और त्याग का है, लेकिन समय के साथ इसमें विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक अर्थ जुड़ गए हैं। इस दिन को कुछ समुदायों द्वारा शोक के रूप में मनाया जाता है, जबकि अन्य इसे उत्सव के रूप में देखते हैं। इतिहासकारों का उद्देश्य इस दिन से जुड़े मिथकों को दूर करके वास्तविक ऐतिहासिक घटनाओं को सामने लाना है। इस प्रयास से आशूरा के बारे में अधिक सटीक और निष्पक्ष समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।