तेहरान, 25 जून (MNA) – कर्बला का आशूरा, सत्य और असत्य के बीच शाश्वत संघर्ष का प्रतीक है। यह दिन इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत की याद दिलाता है, जिन्होंने अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध किया था। इमाम हुसैन की विरासत आज भी दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित कर रही है। आशूरा आशा और प्रतिरोध का एक शक्तिशाली प्रतीक बना हुआ है। यह घटना शिया मुसलमानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका संदेश सार्वभौमिक है। आशूरा, धार्मिक और नैतिक मूल्यों की रक्षा के लिए बलिदान की भावना का प्रतिनिधित्व करता है।