पितृ दिवस के अवसर पर एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई है जिसमें विभिन्न कालों से संबंधित चित्रकला कृतियों को प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शनी में कविता के अंशों को भी शामिल किया गया है, जो चित्रों के साथ संवाद स्थापित करते हैं। यह आयोजन कला और साहित्य के माध्यम से पितृत्व की भावना को व्यक्त करने का एक प्रयास है। प्रदर्शनी में प्रदर्शित कलाकृतियाँ और कविताएँ पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता दर्शाती हैं। आयोजन का उद्देश्य दर्शकों को पितृत्व के महत्व पर विचार करने के लिए प्रेरित करना है। यह प्रदर्शनी कला प्रेमियों और साहित्य प्रेमियों दोनों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र है। आयोजन में विभिन्न कलाकारों और कवियों की रचनाएँ शामिल हैं, जो पितृत्व के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती हैं।