मानवाधिकार संगठनों ने लिंडा लोआइज़ा के हमलावर लुईस कैररा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के मामले में देरी की शिकायत की है। यह वारंट 9 जुलाई 2026 को जारी किया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। संगठनों का कहना है कि मामले में प्रगति केवल लिंडा लोआइज़ा के निरंतर प्रयासों के कारण हुई है। कोर्ट IDH द्वारा दिए गए मुआवज़े के आदेशों को भी सरकार द्वारा अनदेखा किया जा रहा है। यह मामला न्याय व्यवस्था में देरी और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ अपराधों की जांच में होने वाली समस्याओं को उजागर करता है। मानवाधिकार अधिवक्ता इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि लिंडा लोआइज़ा को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोका जा सके। सरकार पर अदालत के आदेशों का पालन करने और अपराधियों को जवाबदेह ठहराने का दबाव है।