आर्मेनिया में LGBTQ समुदाय के प्रति रवैये में हाल के वर्षों में बदलाव आया है, जिसमें यूक्रेन युद्ध का भी योगदान रहा है। येरेवन में 2012 में एक समलैंगिक क्लब पर आगजनी हुई थी, लेकिन अब राजधानी एक संपन्न भूमिगत ड्रैग दृश्य का घर है। हालांकि इन आयोजनों में सैकड़ों लोग आकर्षित होते हैं, लेकिन पुलिस छापे और पारिवारिक अस्वीकृति अभी भी आम बात है। ड्रैग कलाकार उत्पीड़न, हिंसा और सामाजिक बहिष्कार का सामना करते हुए भी मंच पर प्रदर्शन करने का जोखिम उठा रहे हैं। यह दृश्य अभिव्यक्ति और पहचान के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन गया है, लेकिन इसके कलाकारों को लगातार खतरों का सामना करना पड़ता है। आर्मेनिया में LGBTQ अधिकारों के लिए यह संघर्ष जारी है, जहां स्वीकृति और सुरक्षा अभी भी दूर की कौड़ी है।