दक्षिणी काकेशस क्षेत्र में स्थित आर्मेनिया ने अपनी स्वतंत्रता के बाद से सबसे महत्वपूर्ण चुनाव पूरे किए हैं। ये चुनाव रूस से भारी दबाव के बीच हुए, लेकिन आर्मेनियाई नागरिकों ने रूस के प्रभाव का विरोध किया। इस परिणाम को मोल्दोवा में पहले हुए चुनावों से समानताएं मिल रही हैं, जहां भी रूस समर्थित ताकतों को अस्वीकार किया गया था। यह चुनाव आर्मेनिया के भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। एक पत्रकार के अनुसार, रूस हमेशा आर्मेनिया के लिए निर्णय लेने की कोशिश करता रहा है। यह परिणाम आर्मेनिया की संप्रभुता और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाता है। इन चुनावों से आर्मेनिया में राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।