आर्मेनिया में हाल ही में हुए संसदीय चुनावों के परिणामों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। रूसी समर्थक विपक्षी दल ‘स्ट्रॉन्ग आर्मेनिया’ ने केंद्रीय चुनाव आयोग से चुनाव परिणामों को रद्द करने का अनुरोध किया है। यह मांग प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान की ‘सिविल कॉन्ट्रैक्ट’ पार्टी की चुनावी जीत के बाद आई है। ‘स्ट्रॉन्ग आर्मेनिया’ ने चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है, हालांकि अभी तक इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव आयोग इस मामले की समीक्षा कर रहा है और आगे की कार्रवाई का निर्णय लेगा। पाशिन्यान की पार्टी की जीत आर्मेनिया की विदेश नीति में पश्चिमी देशों की ओर झुकाव को और मजबूत कर सकती है। इस राजनीतिक घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है।