आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनियन ने घोषणा की है कि उनकी सरकार जल्द ही यूरोपीय संघ (ईयू) में शामिल होने के लिए आवेदन जमा करेगी। यह कदम अज़रबैजान के काराबाख में सैन्य आक्रमण के दौरान रूस द्वारा कथित विश्वासघात के बाद उठाया जा रहा है, जिसके कारण आर्मेनिया पश्चिम की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा है। रूस इस यूरोपीय महत्वाकांक्षा को अच्छी नजर से नहीं देख रहा है। पाशिनियन ने रूस के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन से भी बाहर निकलने की इच्छा व्यक्त की है। यह निर्णय आर्मेनिया की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। ऐसा माना जा रहा है कि यह कदम आर्मेनिया को अधिक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा। यह क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को भी बढ़ा सकता है।