अर्जेंटीना की ‘प्लाज़ा दे मायो’ आंदोलन की प्रमुख नेता ताती अल्मेइदा का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वह सैन्य शासन के दौरान लापता हुए लोगों के लिए प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल थीं और आंदोलन की शुरुआती दौर की प्रमुख शख्सियतों में से एक थीं। अल्मेइदा लंबे समय से अस्पताल में भर्ती थीं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। ‘प्लाज़ा दे मायो’ की माताएँ, अर्जेंटीना के सैन्य शासन के दौरान गायब हुए अपने बच्चों की तलाश में हर गुरुवार को ब्यूनस आयर्स के प्लाज़ा दे मायो में इकट्ठा होती थीं। उनका निधन अर्जेंटीना के मानवाधिकार आंदोलन के लिए एक बड़ी क्षति है। अल्मेइदा के नेतृत्व में, इस आंदोलन ने लापता लोगों के परिवारों को एकजुट किया और न्याय की मांग को उठाया। उनके योगदान को अर्जेंटीना के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।
