प्रसिद्ध मनोविश्लेषक गेब्रियल रोलॉन ने एक विशेष साक्षात्कार में बताया कि कैसे बाहरी दबाव और दूसरों की राय व्यक्ति को अपनी इच्छाशक्ति से दूर कर देती है। उन्होंने बताया कि व्यक्ति अक्सर समाज की अपेक्षाओं और दूसरों के विचारों के अनुसार जीने का प्रयास करता है, जिससे वह अपनी वास्तविक पहचान से भटक जाता है। रोलॉन के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अपनी आंतरिक प्रेरणाओं के अनुसार कार्य करता है, तो उसका जीवन अधिक सार्थक और खुशहाल होता है। उनका मानना है कि कठिनाइयों का सामना करने और प्रयास करने से जीवन में चमक आती है और वह अधिक आकर्षक बनता है। उन्होंने व्यक्तिगत इच्छाशक्ति के महत्व पर जोर दिया और बाहरी प्रभावों से मुक्त होकर अपने पथ पर चलने की सलाह दी। रोलॉन ने यह भी कहा कि आत्म-जागरूकता और आत्म-स्वीकृति जीवन में शांति और संतोष प्राप्त करने के लिए आवश्यक हैं।