राष्ट्रपति लौरा फर्नांडीज ने राष्ट्रीय प्रसारण में न्यायिक ट्रस्ट फंड में $700 मिलियन होने का दावा किया, जो कि वास्तविकता से बहुत दूर है। असल में, यह राशि काफी कम है। फर्नांडीज पर फंड की उपलब्धता के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लग रहा है, और इस विसंगति पर विवाद बढ़ रहा है। विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाया है, जिससे सरकार पर जवाबदेही दिखाने का दबाव बढ़ गया है। आलोचकों का कहना है कि यह पारदर्शिता की कमी और जनता को गुमराह करने का प्रयास है। इस गलत जानकारी के कारण न्यायिक प्रणाली के वित्तपोषण पर सवाल उठ रहे हैं। सरकार से इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है।