सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश लोरेंजेटी ने रोटरी क्लब में एक भाषण के बाद कहा कि पूर्व राष्ट्रपति क्रिस्टीना किर्च्नर ने कभी भी अर्जेंटीना की न्यायपालिका के समक्ष अपनी आजीवन अयोग्यता को असंवैधानिक घोषित करने की मांग नहीं की। उन्होंने यह बात तब कही जब उनसे किर्च्नर द्वारा उम्मीदवार बनने के लिए संयुक्त राष्ट्र में अपील करने के निर्णय पर सवाल किया गया। लोरेंजेटी ने यह भी संकेत दिया कि वह न्यायाधीशों के चुनाव के तरीके को बदलने के लिए अपने प्रस्ताव पर जोर देंगे। उनका मानना है कि वर्तमान प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है। न्यायाधीश ने इस मामले पर विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन उन्होंने किर्च्नर के कानूनी विकल्पों पर प्रकाश डाला। यह बयान अर्जेंटीना की राजनीतिक बहस में एक नया मोड़ लाता है, क्योंकि किर्च्नर आगामी चुनावों में अपनी उम्मीदवारी के लिए प्रयासरत हैं। यह मुद्दा अर्जेंटीना की न्यायिक प्रणाली और राजनीतिक प्रक्रिया के बीच संबंधों को भी उजागर करता है।