अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था में कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों से विदेशी मुद्रा के प्रवाह को लेकर अर्थशास्त्रियों ने चिंता व्यक्त की है। अर्थशास्त्री जुआन कार्लोस डी पाब्लो ने चेतावनी दी है कि इस प्रवाह से 'डच रोग' जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। 'डच रोग' तब होता है जब किसी देश की मुद्रा मजबूत हो जाती है, जिससे अन्य निर्यात क्षेत्र प्रतिस्पर्धी नहीं रह पाते। उन्होंने इस स्थिति के संभावित नकारात्मक प्रभावों पर जोर दिया, जो देश की आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं। डी पाब्लो ने LN+ में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। उनका विश्लेषण दर्शाता है कि विदेशी मुद्रा का अचानक बढ़ना, यदि सावधानीपूर्वक प्रबंधित न किया जाए, तो दीर्घकालिक आर्थिक समस्याएं पैदा कर सकता है। यह स्थिति अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था के लिए एक चुनौती बन सकती है।