देश की क्रेडिट रेटिंग में सुधार के बाद विदेशी पूंजी के लिए स्थानीय बाजार अधिक आकर्षक हो गया है। एसएंडपी और फिच रेटिंग्स द्वारा रेटिंग बढ़ाने के बाद निवेशकों का ध्यान निश्चित आय और इक्विटी दोनों की ओर आकर्षित हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को अपनी निवेश रणनीति में बदलाव करने की आवश्यकता है। वे निश्चित आय वाले उपकरणों और इक्विटी दोनों में निवेश करने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि अभी भी कुछ चुनौतियां बाकी हैं जिनका सामना बाजार को करना पड़ सकता है। इन चुनौतियों में वैश्विक आर्थिक स्थिति और घरेलू नीतिगत बदलाव शामिल हैं। निवेशकों को सावधानी बरतने और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी जाती है।